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Скачать или смотреть 268 to 271 ipc in hindi | 268 से 271 आईपीसी | Public nuisance | लोक न्‍यूसेंस

  • Shailesh Jain Advocate
  • 2020-10-11
  • 11133
268 to 271 ipc in hindi | 268 से 271 आईपीसी | Public nuisance | लोक न्‍यूसेंस
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268 to 271 ipc in hindi | 268 से 271 आईपीसी | Public nuisance | लोक न्‍यूसेंस

SECTION 268 IPC - Indian Penal Code - Public nuisance
Description of IPC Section 268
According to section 268 of Indian penal code, A person is guilty of a public nuisance who does any act or is guilty of an illegal omission which causes any common injury, danger or annoyance to the public or to the people in general who dwell or occupy property in the vicinity, or which must necessarily cause injury, obstruction, danger or annoyance to persons who may have occasion to use any public right.
SECTION 269 IPC - Indian Penal Code - Negligent act likely to spread infection of disease dangerous to life
Description of IPC Section 269
According to section 269 of Indian penal code, Whoever unlawfully or negligently does any act which is, and which he knows or has reason to believe to be, likely to spread the infection of any disease dangerous to life, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to six months, or with fine, or with both.
SECTION 270 IPC - Indian Penal Code - Malignant act likely to spread infection of disease dangerous to life

Description of IPC Section 270
According to section 270 of Indian penal code, Whoever malignantly does any act which is, and which he knows or has reason to believe to be, likely to spread the infection of any disease dangerous to life, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
SECTION 271 IPC - Indian Penal Code - Disobedience to quarantine rule
Description of IPC Section 271
According to section 271 of Indian penal code, Whoever knowingly disobeys any rule made and promulgated by the Government for putting any vessel into a state of quarantine, or for regulating the intercourse of vessels in a state of quarantine with the shore or with other vessels, for regulating the intercourse between places where an infectious disease prevails and other places, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to six months, or with fine, or with both.
धारा 268 आईपीसी (IPC Section 268 in Hindi) - लोक न्यूसेन्स
धारा 268 का विवरण
भारतीय दंड संहिता की धारा 268 के अनुसार, वह व्यक्ति लोक न्यूसेन्स का दोषी है, जो कोई ऐसा कार्य करता है या किसी ऐसे अवैध लोप का दोषी है, जिससे लोक को या जनसाधारण को जो आसपास में रहते हों या आसपास की सम्पत्ति पर अधिभोग रखते हों, कोई सामान्य क्षति, संकट या क्षोभ कारित हो या जिससे उन व्यक्तियों का जिन्हें किसी लोक अधिकार को उपयोग में लाने का मौका पड़े, क्षति, बाधा, संकट या क्षोभ कारित होना अवश्यंभावी हो ।
कोई सामान्य न्यूसेन्स इस आधार पर माफी योग्य नहीं है कि उससे कुछ सुविधा या भलाई कारित होती है ।
धारा 269 आईपीसी (IPC Section 269 in Hindi) - उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
धारा 269 का विवरण
भारतीय दंड संहिता की धारा 269 के अनुसार,
जो कोई विधिविरुद्ध रूप से या उपेक्षा से ऐसा कोई कार्य करेगा, जिससे कि और जिससे वह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि, जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोग का संक्रम फैलना संभाव्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
धारा 270 आईपीसी (IPC Section 270 in Hindi) - परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
धारा 270 का विवरण
भारतीय दंड संहिता की धारा 270 के अनुसार,
जो कोई परिद्वेष से ऐसा कोई कार्य करेगा जिससे कि, और जिससे वह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि, जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोक का संक्रम फैलना संभाव्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
धारा 271 आईपीसी (IPC Section 271 in Hindi) - करन्तीन के नियम की अवज्ञा
धारा 271 का विवरण
भारतीय दंड संहिता की धारा 271 के अनुसार,
जो कोई किसी जलयान को करन्तीन की स्थिति में रखे जाने के, या करन्तीन की स्थिति वाले जलयानों का किनारे से या अन्य जलयानों से समागम विनियमित करने के, या ऐसे स्थानों के, जहां कोई संक्रामक रोग

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