जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024 | GS मंथन | UPSC | UPPSC | Current Affair | Pre 2026
भारत में जल प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। नदियाँ, झीलें, भूजल और तटीय जल औद्योगिक अपशिष्ट, घरेलू सीवेज, कृषि रसायनों और प्लास्टिक कचरे के कारण लगातार प्रदूषित हो रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने जल प्रदूषण से निपटने के लिए जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024 को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप सशक्त बनाने पर जोर दिया है। यह विषय UPSC, UPPSC, और अन्य राज्य लोक सेवा आयोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से Pre 2026 और Mains के दृष्टिकोण से।
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम का मूल उद्देश्य भारत में जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखना और प्रदूषण को रोकना है। वर्ष 1974 में मूल अधिनियम लागू हुआ था, लेकिन बदलते औद्योगिक स्वरूप, शहरीकरण और जल संकट के कारण 2024 में इसके प्रावधानों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) की भावना के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है।
जल प्रदूषण का अर्थ है जल की भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणवत्ता में ऐसा अवांछनीय परिवर्तन जिससे वह मानव, पशु और पारिस्थितिकी के लिए हानिकारक हो जाए। औद्योगिक अपशिष्ट, थर्मल पावर प्लांट का गर्म पानी, नगरों का अशोधित सीवेज, उर्वरक और कीटनाशक जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। भारत की कई नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, गोदावरी और साबरमती इस समस्या से जूझ रही हैं।
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024 के अंतर्गत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका को और मजबूत किया गया है। इन बोर्डों को जल गुणवत्ता मानक निर्धारित करने, उद्योगों की निगरानी करने, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर दंड लगाने और आवश्यकतानुसार उन्हें बंद करने का अधिकार दिया गया है। यह अधिनियम सहकारी संघवाद की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को भी प्रोत्साहित करता है।
अधिनियम 2024 में तकनीकी निगरानी पर विशेष बल दिया गया है। रियल टाइम वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग, डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दिया गया है। इससे जल प्रदूषण की पहचान समय पर हो सकेगी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। यह प्रावधान वर्तमान परीक्षा में समकालीन उदाहरण के रूप में उपयोगी है।
इस अधिनियम के तहत उद्योगों के लिए पूर्व अनुमति प्रणाली को और सख्त बनाया गया है। कोई भी औद्योगिक इकाई बिना प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जल स्रोतों में अपशिष्ट नहीं छोड़ सकती। उल्लंघन की स्थिति में भारी जुर्माना, कारावास और इकाई के संचालन पर रोक जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह प्रश्न Prelims में सीधा तथ्यात्मक और Mains में विश्लेषणात्मक रूप में पूछा जा सकता है।
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024 का एक महत्वपूर्ण पक्ष जनभागीदारी है। आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, जल प्रदूषण की सूचना देने और जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अधिकार और दायित्व सौंपा गया है। यह प्रावधान पर्यावरणीय लोकतंत्र को मजबूत करता है।
UPSC और UPPSC के लिए यह विषय GS Paper 3 में पर्यावरण, पारिस्थितिकी और सतत विकास के अंतर्गत आता है। Prelims में इससे संबंधित कथन आधारित प्रश्न, अधिनियम के उद्देश्य, संस्थागत संरचना और शक्तियों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। Mains में जल प्रदूषण की समस्या, अधिनियम की प्रभावशीलता, चुनौतियाँ और सुधार के सुझाव पर उत्तर लिखे जा सकते हैं।
इस अधिनियम की कुछ प्रमुख चुनौतियाँ भी हैं। राज्यों में संस्थागत क्षमता की कमी, मानव संसाधन का अभाव, उद्योगों का दबाव और स्थानीय स्तर पर प्रवर्तन की कमजोरी इसके प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन सकती है। इसके समाधान के लिए क्षमता निर्माण, वित्तीय सहायता और पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता है।
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024 सतत विकास लक्ष्यों, विशेषकर SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) के अनुरूप है। यह अधिनियम आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है, जो परीक्षा में उत्तर को समृद्ध बनाता है।
GS मंथन की इस कक्षा में इस अधिनियम को प्रीलिम्स फैक्ट्स, मेन्स उत्तर लेखन और समकालीन उदाहरणों के साथ सरल भाषा में समझाया गया है। यदि आप UPSC, UPPSC, RO ARO, PCS या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो यह वीडियो आपके लिए अत्यंत उपयोगी है।
वीडियो को अंत तक देखें, नोट्स बनाएं और नियमित रिवीजन करें। ऐसे ही करेंट अफेयर्स आधारित GS मंथन वीडियो के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को अपने मित्रों के साथ साझा करें।
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024
Water Pollution Control Act 2024 India
जल प्रदूषण UPSC current affairs
Environmental laws in India UPSC
CPCB SPCB roles
GS Paper 3 environment current affairs
UPPSC environment act 2024
Prelims 2026 environment laws
Water pollution causes and control India
Sustainable development and water law
जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2024, Water Pollution Act India, UPSC Environment Current Affairs, UPPSC GS Paper 3, Water Pollution Control Board, CPCB SPCB, Environmental Law India, Prelims 2026 Current Affairs, GS Manthan Environment, Indian Environment Acts, Water Pollution Causes Control, Sustainable Development India
Информация по комментариям в разработке