REPUBLIC DAY SPECIAL🇮🇳 | MAATRUBHUMI | BATTLE OF GALWAN | Salman Khan |
Song Name - Maatrubhumi
Lyrics and composed By - Khemraj Jangid
Song Lyrics -
ये देश कोई नक़्शे की लकीर नहीं,
ये माँ की वो साँस है जो दिखती नहीं,
हम बोलें कम, पर मानते बहुत,
ये पहचान किताबों में लिखती नहीं।
जिस मिट्टी पे चलना सीखा था हमने,
आज उसी ने चलना सिखाया,
कभी आँचल बनी, कभी ढाल बनी,
हर मुश्किल में साथ निभाया।
यहाँ भूख भी सीने में हिम्मत रखे,
यहाँ दर्द भी सर झुका के जिए,
यहाँ जो गिरा, वो फिर उठा है,
क्योंकि भारत हारना नहीं जाने ये।
मातृभूमि, तू आवाज़ नहीं, एहसास है,
तू शब्दों में नहीं, हर एक साँस है,
मातृभूमि, तू मांगती कुछ भी नहीं,
बस तेरे लिए जीना ही खास है।
वो वर्दी कोई कपड़ा नहीं,
वो माँ की उम्मीद का रंग है,
सीने पे जो नाम लिखा है देश का,
वो हर सिपाही का धर्म है।
जब हम हँसते हैं, वो जागता है,
जब हम सोते हैं, वो खड़ा है,
हम पूछते हैं “सब ठीक है?”
वो मुस्कुरा के बस “हाँ” कहता है।
ना शोर मचाता, ना नाम चाहता,
ना तालियों का भूखा है,
वो बस इतना जानता है—
ये देश सुरक्षित है, यही काफ़ी है।
मातृभूमि, तेरे कर्ज़ का हिसाब नहीं,
तेरे आगे हर जीत भी कम लगे कहीं,
मातृभूमि, तू माँ भी है, पहचान भी,
तेरे बिना हम कुछ भी नहीं।
अगर कल को मेरा नाम मिट जाए,
पर तिरंगा यूँ ही लहराए,
तो समझ लेना, मैं ज़िंदा हूँ,
किसी सिपाही की साँस में समाए।
हर बीता हुआ लम्हा ये याद दिलाए,
आज़ादी यूँ ही हासिल नहीं,
ये उन क़दमों की कहानी है,
जो लौटे नहीं, पर अधूरे नहीं।
ये देश सरहदों से आगे है,
ये त्याग से लिखा हर सपना है,
यहाँ भारत सबसे पहले आता है,
बाक़ी हर पहचान बाद का अपना है।
मातृभूमि, मेरी मातृभूमि,
तेरे लिए सर झुकता नहीं, कटता है,
मातृभूमि, मेरी मातृभूमि,
तेरे नाम पे जीना भी इबादत है।
माँ कहूँ या देश कहूँ,
फर्क़ बस इतना सा है…
एक ने जन्म दिया,
दूसरी ने जीने की वजह।
मातृभूमि। 🇮🇳
HAPPY REPUBLIC DAY 🇮🇳 JAI HIND 🇮🇳
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