Classic Sufi Vibes meet Modern Beats. ⚡🔥
Elevate your space with the hypnotic DJ Pi Remix with a legendary Qawwali "Jindgi" with the deep bass and rhythmic pulses of DJ Pi’s signature sound.
It’s the perfect backdrop for a late-night chill session, a deep-focus work hour, or simply vibing in a room lit only by firelight. Experience the poetic brilliance of the original classic, reimagined for the modern ear.
What’s inside:
Audio: DJ Pi Remix – A seamless blend of traditional Qawwali and contemporary beats.
Vibe: Urban Sufi, Lo-fi Chill, Aesthetic, and Soulful.
Best used for:
🎧 Late-night deep thinking.
🕯️ Atmospheric house gatherings.
💻 High-energy focus or study sessions.
Turn up the bass, watch the flames, and let the rhythm of 'Ishq' take over.
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Lyrics
ज़िन्दगी गर जीना चाहते हो, तो शौक़ ज़रा बेबाक रखिए,
दोस्त भले ही कम हों अपने, पर चुन-चुन कर इस्तेख़लाक रखिए।
साहिल की उम्मीदें छोड़ दो, समंदर की तह में जाओ,
दिल में जो धड़कन बनी रहे, वो शौक़ अपने साथ रखिए।
दोस्त भले ही कम हों अपने, पर चुन-चुन कर इस्तेख़लाक रखिए।
Verse 1:
सांस लेना तो महज़ एक रस्म-ए-दौहर है,
हवा तो हर लाश के इर्द-गिर्द चलती है।
मगर रूह में आग न हो, तो ए यार,
ज़िंदगी फिर महज़ एक कफ़न की तरह पलती है।
अगर जीना है तो, सीने में एक जुनून रखिए,
खुद को खुद से मिलाने का, एक सुकून रखिए।
Verse 2:
भीड़ में तो सब खड़े हैं, परछाइयों की तरह,
धूप में जो साथ न दे, वो रफ़ाक़त क्या?
हज़ार चेहरों में क्या तलाशते हो अपनापन?
ज़हर और दवा में जब फर्क करना न आए, तो मोहब्बत क्या?
गिनती मत बढ़ाइए तादाद की महफ़िल में,
चंद हों मगर ऐसे, जो जान की तरह साथ रखिए।
दोस्त भले ही कम हों अपने, पर चुन-चुन कर इस्तेख़लाक रखिए।
सौदा नहीं, ये वफ़ा का नाता है,
चुनिंदा लोगों से ही, ये जहाँ सज जाता है।
सबके लिए मत खोलिए दिल के दरवाज़े,
कीमती हीरों को हमेशा, तिजोरी में संवार कर रखिए!
ज़िन्दगी गर जीना चाहते हो, तो शौक़ ज़रा बेबाक रखिए,
दोस्त भले ही कम हों अपने, पर चुन-चुन कर इस्तेख़लाक रखिए।
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