Intro - Ye gana hari kisi ki zindagi se connect karta hai jo stugle karta hai apni life me maa baap ke sapno me jite hai family parivar sabako ek saat jodata hai struggle aur sapno ko samne dikhta hai
Singer/Music/ composer: Made By Ai
Lyrics: YNM
Video Creator : YNM
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2026 ( YNM )
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Lyrics -:
लिखता मैं गाने आज भी, सोचता हूँ कभी तो उगेगा सूरज
लोग देते ताने, योग्या तू बोलता क्यों गाने, गानों से भरता नहीं पेट
मेहनत का नाम पसीना, हमें जीना यहाँ तान के सीना
बहाना हमको भी मेहनत का पसीना।
बेटा ये सोचता माँ को कभी तो लगे, बेटे ने कुछ करके दिखाया है
बाप जो मेरे लिए रोया है, बाप को कभी तो लगे
बेटे ने आँसू के बदले में कुछ तो कमाया है।
माना जेबें अभी भी रहती खाली हैं, लेकिन कला में दिखती मुझे मेरी जिम्मेदारी
लिखता मैं गाने, लिखता मैं जज्बात, कभी तो बीते थे हमारे साथ
कहानी सुनानी है, मुझे भी बीट पे आज।
ख्वाहिशों के समंदर में एक पत्थर गिरा सा बनके
चमकेगा कोहिनूर हीरा जरूर
देखता मैं सपने आज भी, कभी तो बदलेगा वक्त
हाथ में है साइकिल, कभी तो चलेगी रेंज, लाइफ कभी होगी चेंज
जिसने भी समझा ये गाना, हकीकत में उसने जिंदगी को जाना
लिखता मैं गाने आज भी, क्योंकि दिखानी हमको थोड़ी कलाकारी है कांधे पे रखी बड़ी जिम्मेदारी है।
माना बिकते यहाँ गाने, लेकिन बिका ना कभी ईमान
रहते हम सीधे थोड़े से और थोड़े से साधे
क्योंकि हम मिडिल क्लास वाले बंदे हैं
माना जेबें अभी भी हैं खाली, लेकिन पैसा कमाने के लिए कभी ना करी बेईमानी
यहाँ बाप ने एक बात सिखाई, ना कभी कर किसी बात में तू घाई
लेकिन बेटे ने भी किसी के आगे कभी गर्दन नहीं झुकाई
माना जीते हम आज में, लेकिन फ्यूचर के सपने हैं ब्राइट
योग्या लड़ता यहाँ वन साइड।
अब तू छोड़ दे फिकर, लिखे हुए गानों में कर ले थोड़ा सा अपना भी जिक्र
मालूम नहीं बंदा मैं गलत या थोड़ा सा सही
खो गया जैसे लगता अंधेरे में, दिखती नहीं अब तो खुद की परछाई।
लिखता मैं गाने आज भी, जैसे लगता लिखता नसीब मैं हाथ से माना दूर मै रेहना चाहता थोड़ा जज्बात से,
लोगों को लगता मैं पैसे का भूखा, लेकिन कौन बताये
पैसे से मिलता आखिर में कफ़न है, जो करता खुद को दफ़न है।
पापी पेट के लिए रोज चाहिए रोटी, कमाता मैं हक से
कुछ लोग बोलते है उछलता मै बाप के दम पे, कौन समझाए उनको
बाप में दम है इसलिए बेटा भी उछलता हक से
ये नहीं कोई गुरूर, मिडिल क्लास बंदा मैं
ना कभी करता रिश्तों का धंधा मैं।
हमने यहाँ नंगे पैर चलना सीखा है, लेकिन आज पैर वहीं पर
माँ बाप के सपनों में जीता, घर का अकेला लड़का
आज भी अकेले बैठ क्यों रोता है, करता एक लड़की से प्यार कांधे पे जिम्मेदारियां हैं यार,
लेकिन निभाने सभी रिश्ते भी हमको करनी पूरी ख्वाहिशें जो बुने थे सपने
पास नहीं कुछ भी लेकिन पास वही लड़की जो कल थी आज भी।
माना किस्मत नहीं देती साथ, कलम से लिखता ये लड़का अपने जज्बात
सोचता कभी तो बदलेंगे हालात
कहने को लगती नहीं भूख, आँखों में आँसू जैसे गए रुक
लेकिन सांस बाकी है, कुछ करने की आस बाकी है
जिंदगी से जीत की खुशी भी छीन के लानी है
बिछड़े जो कभी यार चार, एक दिन फिर से मिलेंगे जरूर
आँखों से गिरे जो कभी आँसू, बनेंगे एक दिन मोती जरूर।
लिखता मैं गाने आज भी, हाँ लिखता मैं गाने आज भी।
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