जय माता दी. आप सभी का हमारे कार्यक्रम दर्शन में हार्दिक अभिनंदन.
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमोस्तेतु नमोस्तेतु नमो नमः
भक्तों आज हम आपको माता के एक ऐसे मंदिर के दर्शन करवाने जा रहे हैं जिसका इतिहास बहुत ही प्राचीन है. इसका वर्णन पद्म पुराण, नारद पुराण और बामन पुराण में भी है, तो आइये दर्शन करते हैं अति प्राचीन और पौराणिक श्री जयंती देवी मंदिर के
भक्तों जयंती देवी मंदिर हरियाणा राज्य के जींद जिले में स्थित है मंदिर से सम्बंधित पौराणिक कथा के अनुसार – समुद्र मंथन के समय देवताओं के सेनापति जयंत ने इस स्थान पर मां शक्ति की आराधना की थी और वरदान प्राप्त किया था कि वह देवताओं के लिए समंदर मंथन से प्राप्त होने वाले अमृत को देवों को अर्पण करेंगे. यहां तप करने के पश्चात आशीर्वाद प्राप्त करके जयंत के सानिध्य में देवताओं ने श्री हरि की कृपा से अमृत का कलश प्राप्त किया था, जयंत के द्वारा पूजित माँ शक्ति को जयंती देवी के नाम से जाना जाने लगा.
कहा जाता है कि महाभारत के युद्ध से पूर्व ही पांडवों ने यहां पर माँ जयंती की पूजा आराधना और तपस्या की थी और विजय का वरदान प्राप्त किया था, भक्तों, यही से महाभारत युद्ध के जीत की नींव पड़ गई थी, जींद के राजा ने लजवाना पर जीत प्राप्त करने के लिए भी यहां पर पूजा अर्चना की थी. उन्होंने ही यहां पर राजराजेश्वरी मां मनसा देवी के मंदिर का निर्माण कराया था. जींद जिले का नाम पहले मां जयंती के नाम से ही जयंत था जो अपभ्रंश होकर जींद हो गया है. मंदिर में समय-समय पर अनेक उत्सव मनाए जाते हैं यहां पर मंगलवार को यज्ञ हवन होता है और प्रत्येक चौदस को भी यहां पर हवन किया जाता है. प्रत्येक प्रदोष व्रत में रुद्राभिषेक किया जाता है और प्रत्येक चतुर्दशी को मंदिर में भंडारा होता है सावन और फाल्गुन मास में पूरे महीने रुद्राभिषेक चलता है भक्तों माघ मास में बहुत ही विशाल कन्या पूजन का आयोजन चतुर्दशी के दिन किया जाता है चतुर्दशी के दिन शहर की लगभग सभी कन्या यहां पर एकत्रित होती है उनका पूजन होता है और वह मंदिर में प्रसाद ग्रहण करती हैं.
मंदिर का परिसर बहुत ही सुंदर और विशाल है, यहां पर गर्भ ग्रह में मां जयंती देवी की अति सुंदर प्रतिमा विराजित है मंदिर में मां जयंती देवी के साथ ही श्री गणेश जी और मां के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन होते हैं भक्तजन यहां पर मां जयंती देवी के साथ ही सभी प्रतिमाओं की पूजा और उपासना बड़ी श्रद्धा के साथ करते हैं. कहा जाता है कि यहां पर आने वाले भक्तों की सभी मनोकामना मां जयंती देवी पूर्ण करती हैं इसलिए मंदिर में दूर-दूर से दर्शनाभिलाषी भक्तजन पूजा अर्चना करने आते हैं और अपनी मनोकामनाओं को माँ जयंती देवी की कृपा से पूर्ण करते हैं, भक्तों मंदिर का परिसर बहुत सुंदर और विशाल है मंदिर परिसर में ही अन्य देवी देवताओं की भी प्रतिमाएं हैं जिनमें श्री हनुमान जी महाराज, श्री राधा कृष्ण जी, श्री शिव परिवार, नवदुर्गा, बटुक भैरव जी, श्री गणेश जी आदि देव प्रतिमाएं विराजमान है, मंदिर परिसर के बाहर कई अन्य मंदिर भी बने हुए हैं जिनमें राज राजेश्वरी मंदिर, श्री हनुमान जी मंदिर, शिव परिवार, मां काली मंदिर, श्री शनि मंदिर, श्री गणेश मंदिर, श्री लक्ष्मी मंदिर और अन्य मंदिर भी हैं भक्तों जयंती देवी मंदिर का परिसर बहुत ही विशाल और सुंदर है यहां पर मां शक्ति की ऊर्जा प्रत्यक्ष दृष्टिगोचर होती है मंदिर में बैठकर यज्ञ हवन, नाम जप और संकीर्तन करने से भक्तों की मनोकामना शीघ्र ही पूर्ण होती है.
मंदिर परिसर में ही एक बहुत बड़ा हवन कुंड भी है जिसमें प्रत्येक मंगलवार व चौदस को हवन किया जाता है मंदिर परिसर बहुत ही सुंदर है यहां मां शक्ति जयंती देवी की प्रत्यक्ष ऊर्जा का अनुभव श्रद्धालु करते हैं, जो जैसे भाव के अनुसार माँ जयंती देवी के दरबार में आता है उसकी मनोकामना उसी अंश में मां जयंती देवी पूर्ण करती हैं.
मंदिर में आरती का समय प्रातः 7:00 बजे और संध्या आरती 6:00 बजे होती है आरती के समय भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं, आरती के पश्चात जय-जयकार से मंदिर में एक दिव्य ध्वनि गूंज उठती है.
भक्तों यदि आप जींद जयंती देवी माता के दर्शन करने के लिए आते हैं तो इस मंदिर के साथ ही जींद में स्थित अन्य मंदिरों के दर्शन भी आप कर सकते हैं जैसे श्री शनि देव मंदिर, पाण्डु पिंडारा मंदिर, भूतेश्वर शिव जी मंदिर , आदि प्रमुख मंदिर हैं।
आप जयंती देवी माता मंदिर की यात्रा अपनी सुविधा अनुसार, वायु मार्ग, रेल मार्ग अथवा सड़क मार्ग से कर सकते हैं. यदि आप वायु मार्ग द्वारा मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निकटतम दिल्ली हवाई अड्डे की यात्रा करनी होगी, यहाँ के लिए मुंबई आदि प्रमुख शहरो से फ्लाइट आसानी से मिल जाती है. हवाई अड्डे से आसानी से आपको मंदिर की यात्रा के लिए टैक्सी मिल जाएगी।
यदि आप जयंती देवी माता मंदिर की यात्रा रेल मार्ग से करना चाहते है तो जींद देश के कई प्रमुख शहरो से रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है आप आसानी से जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर यहाँ से टैक्सी अथवा बस द्वारा मंदिर की यात्रा कर सकते हैं ।
और यदि आप मंदिर की यात्रा सड़क मार्ग से करना चाहते हैं तो जींद शहर देश के हर बड़े शहर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है, अतः आप सरकारी या निजी वाहन द्वारा जींद पहुँच कर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।
Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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