साई बाबा कथा | दातोबा साई के चरण धुली से हुआ ठीक

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दातोबा और उसका परिवार शीरदी की ओर जा रहे थे तो उन्हें रस्ते में शेर मिल जाता है तो दातोबा की बेटी जैनी साई से मदद माँगती है। साई वहाँ प्रकट होकर शेर से उन्हें बचा लेते हैं। दातोबा की बेटी को साई के पद चिन्ह दिखते हैं तो वह समझ जाते हैं की उनकी जान साई ने बचाई है। जैनी अपने पिता के चेहरे पर साई की चरण धुली लगती है तो उसका चेहरा ठीक हो जाता है। साई बाबा से मिलने के लिए दातोबा और उसका परिवार आता है तो साई उन के साथ पागल होने की लीला करते हैं। जैनी को साई बाबा पागल लगते हैं साई अपना परिचय देते हैं पर उन्हें यक़ीन नहीं होता की वो ही साई है। जैनी दातोबा के इलाज के लिए साई के पास जाने की बात करती है और कहती है की वो उनके लिए भी साई से प्रार्थना करेगी। दातोबा को बुख़ार हो जाता है तो साई उसे फिर से मिलने आते हैं लेकिन उन्हें तब भी यक़ीन नहीं होता है की वही साई हैं। दातोबा को अपने पिछले जनम की झलक दिखती है जिसमें वो बहुत बुरा और अन्यायी था जिसका फल वो इस जनम में भोग रहा था। बायजा और तात्या दातोबा को साई बाबा की द्वरिका माई में भेजते हैं। साई को द्वरिका में देख कर वो उन्हें साई नहीं समझते तो साई उन्हें अपना परिचय देते हैं और समझते हैं। साई बाबा दातोबा को उसके पिछले जनम की कुछ बातें बताते हैं लेकिन उन्हें तब भी समझ नहीं आता की साई ही साई बाबा हैं। जैनी साई बाबा पर ग़ुस्सा भी करती है तभी तात्या वहाँ आकर उनके बारे में बताता है तो वो हैरान हो जाते हैं। साई की चरण धुली को जैनी अपने पिता के पैरों पर लगती है उसका पैर भी ठीक हो जाता है दातोबा और उसका बताते हैं कि तुमने अपने पिछले जनम के कर्मों का फल भोग लिया है। साई दातोबा का आशीर्वाद देते हैं और उसका मार्ग दर्शन करते हैं। दातोबा और उसका परिवार साई को धन्यवाद करते हुए आरती करते हैं।

Dr. Ramanand Sagar ventured to recreate the life and times of the universally revered saint, Sai Baba, with his characteristic zeal and devotion. The narrative artistry, has the added advantage of the support of extensive research material gathered from volumes of eye-witness accounts Sai Baba’s life story. His countless devotees in India and all over the world, therefore, look up to him as a guru, a saint, a savior and an incarnation of that supreme power which manifests itself in human form when the hour of need arrives to redeem mankind from mortal sins. While popular legend invariably revolves around alleged persons and events with or without a determinable basis of fact, the story or legend of Sai Baba has the basis of fact and collective belief inspired by his divine powers, witnessed by men and women who shared those wonderful experiences.

As per popular belief Sai Baba was born between 1839 - 1842 AD at Pathni in Marathwada in the Nizam's dominion at the age of eleven Sai Baba appeared under a neem tree at Shirdi and he was recognized as the boy who left the poor Brahmin's home as a child. Four years of painstaking research and the collective enthusiasm and work of artisans and hundreds of workers have produced an authentic Shirdi at Sagar Film City - Baroda for the filming. Sai Baba did not put down anything in writing. It is doubtful whether he consciously wanted to teach. He certainly sought to bring about an awakening. The many miracles he performed, the diseases he cured, the gift of love he gave to his followers were all part of the awakening he brought about. Through the serial, Dr. Ramanand Sagar, the master story teller, intends to spread Baba's social and spiritual messages with a judicious blend of entertainment.

Music And Lyrics - Ravinder Jain
Associate Director - Mayur Vaishnav, Madan Sinha
Co-Producer - Subhash Sagar, Prem Sagar, Jyoti Sagar
Co-Director - Anand Sagar, Moti Sagar
Writer - Ramanand Sagar
Producer - Ramanand Sagar
Director - Ramanand Sagar

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