पटना मल्टी-मॉडल हब, जीपीओ गोलंबर और पटना जंक्शन के पास स्थित, पटना स्मार्ट सिटी पहल के तहत एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य शहर में यातायात जाम को कम करना और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। नीचे उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रमुख विवरण दिए गए हैं:
अवलोकन और उद्देश्य: यह हब विभिन्न सार्वजनिक परिवहन साधनों जैसे बस, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और कैब को एक ही छत के नीचे एकीकृत करके परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पटना जंक्शन के आसपास यातायात जाम को कम करता है और व्यवस्थित पार्किंग और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
संरचना और विशेषताएं:
हब एक चार मंजिला परिसर है, जिसमें भूतल पर शहर बस संचालन (32 बसों की क्षमता और अतिरिक्त 50 बसें) और ऊपरी मंजिलों पर ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा, कैब और निजी कार पार्किंग (225 कारों तक) के लिए स्थान है।
440 मीटर लंबा एक भूमिगत पैदल यात्री सबवे, जिसमें चार ट्रैवेलेटर हैं, पटना जंक्शन को जीपीओ गोलंबर और हब से जोड़ता है, जिसमें एस्केलेटर, रैंप और वातानुकूलित इंटीरियर यात्री सुविधा के लिए हैं।
सुविधाओं में केंद्रीय वातानुकूलन, सीसीटीवी, शॉपिंग क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग, रीयल-टाइम बस ट्रैकिंग, एटीएम, कैफेटेरिया, प्रतीक्षा क्षेत्र, पीने का पानी, शौचालय और अग्निशमन उपकरण शामिल हैं। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट और मेट्रो कनेक्टिविटी की योजना है।
सबवे महावीर मंदिर और बुद्ध स्मृति पार्क से भी जुड़ता है, जिससे पहुंच बढ़ती है।
उद्घाटन और समयरेखा:
हब और सबवे का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 मई, 2025 को किया था और यह 18 मई, 2025 को जनता के लिए खोला गया।
निर्माण रेलवे स्टेशन क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के रूप में शुरू हुआ था, जिसमें पहले जून 2023 तक पूरा होने का अनुमान था, लेकिन यह 2025 में अंतिम रूप से तैयार हुआ।
प्रभाव:
हब पटना जंक्शन के आसपास यातायात जाम को काफी हद तक कम करता है, क्योंकि यह बसों और ऑटो-रिक्शा के लिए निर्दिष्ट प्रवेश/निकास द्वार और मार्गों के साथ वाहन आवाजाही को व्यवस्थित करता है।
यह हाजीपुर, राजगीर, बिहटा, दानापुर और खगौल जैसे क्षेत्रों के लिए बस सेवाओं के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का समर्थन करता है।
आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्री अनुभव को बेहतर बनाता है और सबवे में सेल्फी पॉइंट जैसे आकर्षणों के साथ यह लोकप्रिय हो रहा है।
लागत और विकास:
परियोजना को बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (BSBCC) और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (PSCL) द्वारा लगभग ₹68-78 करोड़ की अनुमानित लागत पर विकसित किया गया।
स्टेशन रोड पर मल्टी-लेवल कार पार्किंग और एक गतिविधि केंद्र से जोड़ने वाला एक पुल भी परियोजना का हिस्सा है।
भविष्य की कनेक्टिविटी:
हब को आगामी पटना मेट्रो के साथ एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें स्वतंत्रता मेट्रो स्टेशन के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन से जोड़ने का कार्य करेगा।
मेट्रो परियोजना का प्राथमिक गलियारा 15 अगस्त, 2025 तक चालू होने की उम्मीद है।
यह मल्टी-मॉडल हब पटना के परिवहन बुनियादी ढांचे के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है, जो आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यातायात प्रबंधन प्रदान करता है। अधिक जानकारी के लिए, आप पटना स्मार्ट सिटी की आधिकारिक वेबसाइट या प्रभात खबर या टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे समाचार स्रोतों का उल्लेख कर सकते हैं।
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