Logo video2dn
  • Сохранить видео с ютуба
  • Категории
    • Музыка
    • Кино и Анимация
    • Автомобили
    • Животные
    • Спорт
    • Путешествия
    • Игры
    • Люди и Блоги
    • Юмор
    • Развлечения
    • Новости и Политика
    • Howto и Стиль
    • Diy своими руками
    • Образование
    • Наука и Технологии
    • Некоммерческие Организации
  • О сайте

Скачать или смотреть माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।।

  • Shri Rajan Swami
  • 2025-02-09
  • 5926
माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।।
  • ok logo

Скачать माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। бесплатно в качестве 4к (2к / 1080p)

У нас вы можете скачать бесплатно माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। или посмотреть видео с ютуба в максимальном доступном качестве.

Для скачивания выберите вариант из формы ниже:

  • Информация по загрузке:

Cкачать музыку माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। бесплатно в формате MP3:

Если иконки загрузки не отобразились, ПОЖАЛУЙСТА, НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если у вас возникли трудности с загрузкой, пожалуйста, свяжитесь с нами по контактам, указанным в нижней части страницы.
Спасибо за использование сервиса video2dn.com

Описание к видео माया के हथियार।। श्री रास ग्रंथ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।।

श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ के मुख्य उद्देश्य - ज्ञान, शिक्षा, उच्च आदर्श, पावन चरित्र व भारतीय संस्कृति का समाज में प्रचार करना तथा वैज्ञानिक सिद्धांतो पर आधारित आध्यात्मिक मूल्य द्वारा मानव को महामानव बनाना और श्री प्राणनाथ जी की ब्रम्हवाणी के द्वारा समाज में फ़ैल रही अंध-परम्पराओं को समाप्त करके सबको एक अक्षरातीत की पहचान कराना। अति महत्वपूर्ण नोट :- यह पंचभौतिक शरीर हमेशा रहने वाला नहीं है। प्रियतम परब्रह्म को पाने के लिये यह सुनहरा अवसर है। अतः बिना समय गवाएं उस अक्षरातीत पाने के लिये प्रयास करना चाहिये। Free e-Books to Download related to Shri Tartam Vani and Chitwani, also you can order books in Print copies from Shri Prannath Gyanpeeth, Sarsawa (+91 70881 20381). 1. परिकरमा + सागर + सिनगार + खिलवत टीका https://www.spjin.org/assets/files/pa... https://www.spjin.org/assets/files/sa... https://www.spjin.org/assets/files/si... https://www.spjin.org/assets/files/kh... 2. NIJANAND YOG (निजानन्द योग) - Collection of 60 Invaluable FAQs https://www.spjin.org/assets/files/ni... 3. CHITWANI MARGDARSHAN (चितवनि मार्गदर्शन) - Smallest and Best ever Pocket Guide to Meditation https://www.spjin.org/assets/files/ch... 4. DHYAN KI PUSHPANJALI (ध्यान की पुष्पाञ्जलि) - Detailed Question-Answer Sessions transcribed in this unique pearl of spiritual wisdom https://www.spjin.org/assets/files/dh... आत्मिक दृष्टि से परमधाम, युगल स्वरुप तथा अपनी परआत्म को देखना ही चितवनि (ध्यान) है। चितवनि के बिना आत्म जागृति संभव नहीं है। संसार की अब तक की प्रचलित सभी ध्यान पद्धतियाँ निराकार-बेहद से आगे नहीं जाती हैं। तारतम ज्ञान के प्रकाश में मात्र निजानन्द योग ही परमधाम ले जा सकता है। प्रियतम अक्षरातीत की चितवनि में इतना आनन्द है कि उसके सामने संसार के सभी सुख मिलकर भी कहीं नहीं ठहरते। यही कारण है कि ध्यान का आनन्द पाने के लिये ही राजकुमार सिद्धार्थ, महावीर, भर्तृहरि आदि ने अपने राज-पाट को छोड़ दिया और वनों में ध्यानमग्न रहे। बेहद मण्डल - इस प्राकृतिक जगत् से परे वह बेहद मण्डल है, जिसे योगमाया का ब्रह्माण्ड कहते हैं। चारों वेदों में इसे चतुष्पाद विभूति के रूप में वर्णित किया गया है। इस मण्डल में अक्षर ब्रह्म के चारों अन्तःकरण (मन, चित, बुद्धि तथा अहंकार) की लीला होती है, जिन्हें क्रमशः अव्याकृत, सबलिक, केवल और सत्स्वरूप कहते हैं। परमधाम - बेहद मण्डल से परे वह स्वलीला अद्वैत परमधाम है, जिसके कण-कण में सच्चिदानन्द परब्रह्म की लीला होती है। यह अनादि है, अनन्त है और सच्चिदानन्दमय है। जिस प्रकार सागर अपनी लहरों से तथा चन्द्रमा अपनी किरणों लीला करता है, उसी प्रकार अक्षरातीत भी अपनी अभिन्न स्वरूपा अंगरूपा आत्माओं के साथ अद्वैत लीला करते हैं, जो अनादि है और इसमें कभी अलगाव नहीं होता है। वेदों ने इसी परमधाम के सम्बन्ध में “त्रिपादुर्ध्व उदैत्पुरुष” अर्थात् परब्रह्म योगमाया से परे है, कहकर मौन धारण कर लिया। मुण्डकोपनिषद् ने भी 'दिव्य ब्रह्मपुर' शब्द का प्रयोग तो किया, किन्तु उसे बेहद मण्डल (केवल ब्रह्म) में मान लिया। कुरआन में मेयराज के वर्णन के द्वारा संकेत किये जाने पर भी मुस्लिम जगत अभी इसकी वास्तविकता से बहुत दूर है। श्री प्राणनाथजी की अलौकिक तारतम वाणी में इस परमधाम की शोभा, लीला एवं आनन्द का विशद रूप में वर्णन किया गया है, जिसका सुख किसी सौभाग्यशाली को ही प्राप्त होता है।

Комментарии

Информация по комментариям в разработке

Похожие видео

  • सुख और दुःख से मुक्ति। श्री राजन स्वामी जी #spjin
    सुख और दुःख से मुक्ति। श्री राजन स्वामी जी #spjin
    1 год назад
  • तृष्णा क्या है? ।।ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    तृष्णा क्या है? ।।ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    1 год назад
  • Гамбхира — что скрывается за дверьми кельи Чайтаньи Махапрабху. Сакральная глубина Сознания Кришны
    Гамбхира — что скрывается за дверьми кельи Чайтаньи Махапрабху. Сакральная глубина Сознания Кришны
    1 день назад
  • Мир На Грани Катастрофы🌍💥 Массированный Удар - Это Уже Не Остановить🚀💣 Военные Сводки За 27.02.2026
    Мир На Грани Катастрофы🌍💥 Массированный Удар - Это Уже Не Остановить🚀💣 Военные Сводки За 27.02.2026
    5 часов назад
  • कल्कि अवतार क्या हैं जाने 🤔 सच्चाई
    कल्कि अवतार क्या हैं जाने 🤔 सच्चाई
    2 месяца назад
  • Андрей Девятов. О троичной гармонии
    Андрей Девятов. О троичной гармонии
    20 часов назад
  • विषयों से वैराग्य - राजजी कैसे हैं ? By Shri Rajan Swami Ji @SPJIN  Shri Prannath Ji
    विषयों से वैराग्य - राजजी कैसे हैं ? By Shri Rajan Swami Ji @SPJIN Shri Prannath Ji
    1 год назад
  • शनिवार भक्ति भजन : ॐ निलांजन समाभासं, श्री हनुमान चालीसा, शनिदेव कथा, शनि चालीसा, शनि हनुमान आरती
    शनिवार भक्ति भजन : ॐ निलांजन समाभासं, श्री हनुमान चालीसा, शनिदेव कथा, शनि चालीसा, शनि हनुमान आरती
    10 часов назад
  • ⚡️ОНИ ГОТОВЯТ КАТАСТРОФУ! РУКОТВОРНЫЙ КРИЗИС! Михаил Делягин
    ⚡️ОНИ ГОТОВЯТ КАТАСТРОФУ! РУКОТВОРНЫЙ КРИЗИС! Михаил Делягин
    12 часов назад
  • परमात्मा के साक्षात्कार के लिए कौन सी तीन शर्ते पूरी करनी पड़ती हैं? @SPJIN @shrirajanswami
    परमात्मा के साक्षात्कार के लिए कौन सी तीन शर्ते पूरी करनी पड़ती हैं? @SPJIN @shrirajanswami
    1 год назад
  • यह सारा संसार क्या है?।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    यह सारा संसार क्या है?।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    1 год назад
  • Chitwani | Meditation ( चितवनि ) By Shri Rajan Swami At  Shri Prannath Jyanpeeth,Sarsawa
    Chitwani | Meditation ( चितवनि ) By Shri Rajan Swami At Shri Prannath Jyanpeeth,Sarsawa
    7 лет назад
  • #किसी का दिल ना दुखाए 💔🤗😢
    #किसी का दिल ना दुखाए 💔🤗😢
    2 месяца назад
  • अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप | एक परब्रह्म की उपासना | @shrirajanswami @SPJIN
    अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप | एक परब्रह्म की उपासना | @shrirajanswami @SPJIN
    1 месяц назад
  • जीवन का लक्ष्य क्या है।।वक्ता- राजन स्वामी जी।।@SPJIN
    जीवन का लक्ष्य क्या है।।वक्ता- राजन स्वामी जी।।@SPJIN
    1 год назад
  • श्रीजी साहेबजी महेरबान
    श्रीजी साहेबजी महेरबान
    2 недели назад
  • सुख के निधान/ (श्री राजन स्वामी जी)
    सुख के निधान/ (श्री राजन स्वामी जी)
    2 года назад
  • परमात्मा से प्रेम की अंतिम अवस्था है ? वक्ता- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    परमात्मा से प्रेम की अंतिम अवस्था है ? वक्ता- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    1 год назад
  • सबसे बड़ा विकार क्या है ? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।।@SPJIN
    सबसे बड़ा विकार क्या है ? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा।। वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।।@SPJIN
    1 год назад
  • आत्मबोध कैसे सम्भव है? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा। । वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    आत्मबोध कैसे सम्भव है? ।। ब्रह्मवाणी चर्चा। । वक्ता :- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
    1 год назад
  • О нас
  • Контакты
  • Отказ от ответственности - Disclaimer
  • Условия использования сайта - TOS
  • Политика конфиденциальности

video2dn Copyright © 2023 - 2025

Контакты для правообладателей video2contact@gmail.com