#VikramSampath #VikramSampathInterview #VikramSampathbooks #Savarkar #ep1 #Savarkarbiography #SavarkarEchoesfromaForgottenPast #SavarkarAContestedLegacy #SavarkarEkBhuleBisreAteetKiGoonj #SavarkarEkVivaditVirasat #PenguinViking #PenguinIndia #SahityaTak #sahityaaajtak
सावरकर को वीर क्यों नहीं लिखा सम्पत ने?
क्या महात्मा गांधी की हत्या के जिम्मेदार थे सावरकर?
गांधी हत्याकांड मुकदमे के दौरान क्या डरे हुए थे सावरकर?
गांधी जी के हत्यारोपियों के वकील से क्यों मिले थे डॉ अंबेडकर?
गांधी और सावरकर कुल कितनी बार एक-दूसरे से मिले थे?
भारतीय राजनीति के ये ऐसे विवादित प्रश्न हैं, जिनके उत्तर आपको चर्चित लेखक और इतिहासकार विक्रम सम्पत से हुई इस बातचीत में मिलेंगे. सम्पत ने दामोदर विनायक सावरकर पर 'सावरकर' नाम से बेहद शोधपरक वृहद पुस्तक अंग्रेजी में Savarkar: Echoes from a Forgotten Past (Part 1), Savarkar: A Contested Legacy (Part 2) नाम से लिखी है. हिंदी में ये पुस्तकें 'सावरकर: एक भूले-बिसरे अतीत की गूँज 1883-1924', और 'सावरकर: एक विवादित विरासत 1924-1966' नाम से प्रकाशित हुई हैं. सावरकर बीसवीं सदी के सर्वाधिक विवादास्पद भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. हिंदुत्व की राजनीति के पुरोधा सावरकर जीवन भर गांधी, उनके दर्शन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे सशक्त विरोधी बनकर खड़े रहे. सावरकर के बारे में या तो भक्तिभाव से लिखा गया या फिर घृणा के भाव से. सावरकर, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू समुदाय की मुखर आवाज़ थे. एक कथित नास्तिक और कट्टर तर्कवादी के रूप में उन्होंने अंतर्जातीय विवाह का समर्थन किया और गाय की पूजा को अंधविश्वास मानकर खारिज कर दिया था. उन्हें एक दशक से भी ज़्यादा तक अंडमान की सेल्युलर जेल में रखा गया, जहां उन्हें अकल्पनीय यातनाएं दी गई. सम्पत अपनी पुस्तक में सवाल उठाते हैं कि जो सावरकर शुरू में हिंदू-मुस्लिम एकता के इतने बड़े पैरोकार थे, वे सेल्युलर जेल जाने के बाद 'हिंदुत्व' के प्रवक्ता कैसे बन गए? सावरकर की शोधपूर्ण जीवनी का पहला खंड सावरकर के जीवन और दर्शन को एक नए दृष्टिकोण से देखने का प्रयास करता है और उनके व्यक्तित्व को उनकी कमज़ोरियों और उपलब्धियों के दायरे में देखता है. इसी तरह पुस्तक का दूसरा खंड बताता है कि कैसे हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे सावरकर कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के सख्त खिलाफ थे. उन पर गांधी हत्याकांड के षडयंत्र में भागीदार होने का आरोप भी लगा. हालांकि अदालत ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन क्या सावरकर वाकई गांधी हत्याकांड में एक षडयंत्रकर्ता थे? क्या गांधी हत्या के बाद एक विशेष समुदाय के नरसंहार का अभियान चलाया गया? भारत और दुनिया भर में फैले अभिलेखागारों के अंग्रेज़ी और कई भारतीय भाषाओं में लिखे मूल दस्तावेज़ों के आधार पर इतिहासकार विक्रम सम्पत ने विनायक दामोदर सावरकर के जीवन और उनके कृत्यों पर पुस्तक क्यों और कैसे लिखी? वह लेखन के साथ कर्नाटक संगीत से कैसे जुड़े? ऐसा क्यों है कि उन्होंने अतीत के महान, पर विवादास्पद, या फिर हाशिए पर पहुंच गए पात्रों पर ही लेखन किया? इन सभी सवालों के जवाब सुनें डॉ विक्रम सम्पत से वरिष्ठ पत्रकार जय प्रकाश पाण्डेय की इस लंबी बातचीत में.
............................
क्लिक कर देखें लेटेस्ट TAK फोटो गैलरी: https://www.tak.live/photogallery
About the Channel
Sahitya Tak आपके पास शब्दों की दुनिया की हर धड़कन के साथ I शब्द जब बनता है साहित्य I वाक्य करते हैं सरगोशियां I जब बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, निबंध, लेख, किस्से व उपन्यास I Sahitya Tak अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा साहित्य के क्षेत्र की हर हलचल I सूरदास, कबीर, तुलसी, भारतेंदु, प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, दिनकर, महादेवी से लेकर आज तक सृजित हर उस शब्द की खबर, हर उस सृजन का लेखा, जिससे बन रहा हमारा साहित्य, गढ़ा जा रहा इतिहास, बन रहा हमारा वर्तमान व समाज I साहित्य, सृजन, शब्द, साहित्यकार व साहित्यिक हलचलों से लबरेज दिलचस्प चैनल Sahitya Tak. तुरंत सब्स्क्राइब करें व सुनें दादी मां के किस्से कहानियां ही नहीं, आज के किस्सागो की कहानियां, कविताएं, शेरो-शायरी, ग़ज़ल, कव्वाली, और भी बहुत कुछ I
Sahitya Tak - Welcome to the rich world of Hindi Literature. From books to stories to poetry, essays, novels and more, Sahitya Tak is a melting pot where you will keep abreast of what's the latest in the field of literature. We also delve into our history and culture as we explore literary gems of yesteryears from Surdas, Kabir, Tulsi, Bhartendu, Premchand, Prasad, Nirala, Dinkar, Mahadevi, etc. To know more about how literature shapes our society and reflects our culture subscribe to Sahitya Tak for enriching stories, poems, shayari, ghazals, kawali and much more. Subscribe Sahitya Tak now.
Follow us on Facebook:
/ sahityatakofficial
Информация по комментариям в разработке