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2 अक्टूबर 1991 में प्रयागराज की धरती पर एक दीप जला—अलख पांडे के रूप में।
2 अक्टूबर को जन्म लेना महज़ संयोग नहीं था। इसी दिन पैदा हुए गांधीजी ने राष्ट्र को एक दिशा दी, लाल बहादुर शास्त्री ने देश को आत्मबल दिया—
वैसे ही मानो समय ने भी संकेत दिया हो कि यह बालक भी आगे चलकर ज्ञान की लौ जलाएगा, और शिक्षा को साधन नहीं, संकल्प बनाएगा। और लाखों सपनों को उड़ान देगा।
अलख पांडे के जीवन में वह मोड़ अचानक आया, जिसने बचपन की दिशा ही बदल दी। यह संकट केवल पैसों की कमी नहीं था—यह जीवन को हिला देने वाला तूफ़ान था।
जब अलख कक्षा 6 में थे, तभी पिता के ठेकेदारी में भारी घाटा हुआ। हालात तेजी से बिगड़े,और रोज़मर्रा की
6th class के बच्चे अलख पांडेय के हाथों में जहां किताब से ज़्यादा गेंद और सपने होने चाहिए थे, वहीं उसने जिम्मेदारी ओर चिंता की चादर ओढ़ ली।
माता-पिता के संघर्ष को हल्का करने के लिए उसने कक्षा 8 में ही पढ़ाना शुरू किया।
जो उम्र सीखने की होती है, उसी उम्र में वह सिखाने निकल पड़ा। नर्सरी और केजी के बच्चे—महीने के दो सौ रुपये, मिलते थे।
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प्रयागराज के Bishop Johnson School and College से स्कूली शिक्षा पूरा किया और—10वीं में 91%, 12वीं में 93.5% अंक हासिल किए।
फिर उन्होंने अपना रास्ता बदला लेकिन मंज़िल वही रही । उन्होंने Self Study किया और JEE का 2 बार परीक्षा किया लेकिन दोनों बार असफलता हाथ लगी।
शायद नियति ने उनके लिए IITian बनने से बड़ा काम सोच रखा था IITian बनाने वाला गुरु।
यही सवाल आगे चलकर Physics Wallah के विज़न की नींव बना।
IIT न मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। UPSEE के ज़रिये कानपुर के सरकारी Harcourt Butler Technical University में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए admission लिया—
लेकिन कॉलेज में उनका मन नहीं लगा, रटने वाली पढ़ाई से उनका मन उचटने लगा।
जैसे तैसे उन्होंने 3 साल गुजारा और 2014 में, डिग्री पूरी होने से पहले उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया।
Softways Coaching Institute में पाँच हज़ार रुपये की नौकरी शुरू की ये कमाई की नहीं, सीखने की कोशिश थी।
फिर वह दिन आया जब फिजिक्स के teacher ने Institute छोड़ दिए थे class का माहौल बिखर चुका था भरोसा टूटा था, छात्र नाराज़ थे।
तभी अलख को क्लास 10th को फिज़िक्स पढ़ाने का
एक ऐसा लगाव,जो उनके शरीर पर बने
‘पाई’ के टैटू,
समीकरण के टैटू
ये कोई सजावट नहीं थे ये उस जुनून के निशान थे जो रगों रागों में बहता था।
2016 में अलख पांडे ने Physics Wallah नाम के साथ यूट्यूब पर कदम रखा—
Physics Wallah Company 2020 में,अलख पांडे अपने साथी प्रतीक माहेश्वरी के साथ मिलकर शुरू की।
PW App लॉन्च हुआ। जहाँ वही पढ़ाई वही बैच अनेकों Institue में लाखों में मिलते थे।
PW ने अपना पहला पेड बैच लक्ष्य लॉन्च किया जिसकी कीमत सिर्फ़ 999 रुपये रखी गई थी।
इसका परिणाम बहुत ही अलग दिखा जिसमें 50,000 से हैं।
ऑनलाइन के बाद अब ऑफलाइन में भी— PW Vidyapeeth शुरू हुआ,
फिजिक्स वाला ने कुल संपत्ति के मामले में शाहरुख खान को भी 2024 में पीछे छोड़ दिया,
2025 में 14510 करोड़ की संपत्ति आंकी गई जो पिछले
और Rising Ed Tech Startup of India जैसे सम्मान भी मिले।
और वहीं 2022 में, Physics Wallah 1.1 बिलियन $ के साथ भारत की 101वीं यूनिकॉर्न कंपनी बन गयी।
उसी दौर में,जहाँ BYJU'S और Unacademy जैसी
Physics wallah यानी अलख पांडे और शिवानी दुबे की Love story एक Friend के ऑफिस से एक साधारण बातचीत से शुरू हुआ।
शिवानी तब नहीं जानती थीं कि सामने बैठा व्यक्ति Physics Wallah का Founder है। शायद यही
उस पल की सबसे ख़ूबसूरत सच्चाई थी।
PW की टी-शर्ट डिज़ाइन में शिवानी का सहयोग, केवल काम नहीं था—वह एक भरोसा था,
यही अलख को एहसास हुआ—यह केवल एक संयोग नहीं है यह कुछ और ही है। क्योंकि पिछले दो Relationship जो अधूरे रहे रह गए थे ये एहसास उनसे बहुत अलग था
और finally मई 2022 में सगाई हुई और फ़रवरी 2023 को Jim Corbett National Park के शांत माहौल में शादी की। न शोर था,न दिखावा थी तो बस एक सादगी।
आगे रिसेप्शन दिल्ली में हुआ, जहाँ—Khan Sir, Zakir Khan जैसे नाम भी वहां मौजूद थे।
Physics Wallah के लिए शिक्षा सिर्फ़ Class तक सीमित नहीं है—वह समाज तक भी पहुँचती है।
Scholarship-Cum-Admission Test के तहत—₹200 करोड़ रुपए तक की छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।
कुछ के लिए 100% फीस माफ़ होता है, तो कुछ के लिए Hostel Free करते हैं।
उन्होंने हमारे Border पर खड़े सैनिकों को सम्मान देने के लिए BSF और SSB के साथ समझौते किए।
जिसमें हमारे शहीद जवानों के बच्चों के लिए ऑनलाइन–ऑफलाइन दोनों में 100% Free कर दिया गया ।
तरुण कुमार, मनीष दुबे और सर्वेश दीक्षित।
एक ऑफ़लाइन सेंटर में पढ़ाते शिक्षक पर छात्र द्वारा चप्पल से हमला करते देखा गया जो अनुशासनहीनता और प्रशासनिक विफलता सा बड़ा सबूत था।
तो दूसरी ओर ‘तूफ़ान’ अभियान का विवाद सामने आया
जिसमें कश्मीर की वादियों में प्रचार शूट के लिए काली महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ियों का काफ़िला, घास के मैदानों में चलाया गया जिसमें फॉरेस्ट एक्ट उल्लंघन के आरोप में FIR दर्ज हो गई।
इन सभी विवादों के बीच 4 जून 2024 को असली इम्तिहान सामने आया।
NTA द्वारा घोषित NEET-UG परिणामों में चौंकाने वाली थीं 67 छात्रों को 720/720 अंक दिए गए, और grace Mark
https://drive.google.com/file/d/1Qgo2...
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