Logo video2dn
  • Сохранить видео с ютуба
  • Категории
    • Музыка
    • Кино и Анимация
    • Автомобили
    • Животные
    • Спорт
    • Путешествия
    • Игры
    • Люди и Блоги
    • Юмор
    • Развлечения
    • Новости и Политика
    • Howto и Стиль
    • Diy своими руками
    • Образование
    • Наука и Технологии
    • Некоммерческие Организации
  • О сайте

Скачать или смотреть मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship

  • JAGO PANCH
  • 2025-06-25
  • 17274
मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship
  • ok logo

Скачать मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship бесплатно в качестве 4к (2к / 1080p)

У нас вы можете скачать бесплатно मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship или посмотреть видео с ютуба в максимальном доступном качестве.

Для скачивания выберите вариант из формы ниже:

  • Информация по загрузке:

Cкачать музыку मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship бесплатно в формате MP3:

Если иконки загрузки не отобразились, ПОЖАЛУЙСТА, НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если у вас возникли трудности с загрузкой, пожалуйста, свяжитесь с нами по контактам, указанным в нижней части страницы.
Спасибо за использование сервиса video2dn.com

Описание к видео मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship

मूर्ति पूजा से 16 बढ़े नुकसान|16 big disadvantages of idol worship

(प्रश्न) साकार में मन स्थिर होता और निराकार में स्थिर होना कठिन है इसलिये मूर्तिपूजा रहनी चाहिये।

(उत्तर) साकार में मन स्थिर कभी नहीं हो सकता क्योंकि उस को मन झट ग्रहण करके उसी के एक-एक अवयव में घूमता और दूसरे में दौड़ जाता है। और निराकार अनन्त परमात्मा के ग्रहण में यावत्सामर्थ्य मन अत्यन्त दौड़ता है तो भी अन्त नहीं पाता। निरवयव होने से चंचल भी नहीं रहता किन्तु उसी के गुण, कर्म, स्वभाव का विचार करता-करता आनन्द में मग्न होकर स्थिर हो जाता है। और जो साकार में स्थिर होता तो सब जगत् का मन स्थिर हो जाता क्योंकि जगत् में मनुष्य, स्त्री, पुत्र, धन, मित्र आदि साकार में फंसा रहता है परन्तु किसी का मन स्थिर नहीं होता; जब तक निराकार में न लगावे। क्योंकि निरवयव होने से उस में मन स्थिर हो जाता है। इसलिये मूर्त्तिपूजा करना अधर्म है।

दूसरा-उस में क्रोड़ों रुपये मन्दिरों में व्यय करके दरिद्र होते हैं और उस में प्रमाद होता है। तीसरा स्त्री पुरुषों का मन्दिरों में मेला होने से व्यभिचार, लड़ाई बखेड़ा और रोगादि उत्पन्न होते हैं। चौथा उसी को धर्म, अर्थ, काम और मुक्ति का साधन मानके पुरुषार्थ रहित होकर मनुष्यजन्म व्यर्थ गमाता है। पांचवां-नाना प्रकार की विरुद्धस्वरूप नाम चरित्रयुक्त मूर्तियों के पुजारियों का ऐक्यमत नष्ट हो के विरुद्धमत में चल कर आपस में फूट बढ़ा के देश का नाश करते हैं। छठा-उसी के भरोसे में शत्रु का पराजय और अपना विजय मान बैठे रहते हैं। उन का पराजय हो कर राज्य, स्वातन्त्र्य और धन का सुख उनके शत्रुओं के स्वाधीन होता है और आप पराधीन भठियारे के टट्टू और कुम्हार के गदहे के समान शत्रुओं के वश में होकर अनेकविधि दुःख पाते हैं। सातवां जब कोई किसी को कहे कि हम तेरे बैठने के आसन वा नाम पर पत्थर धरें तो जैसे वह उस पर क्रोधित होकर मारता वा गाली प्रदान देता है वैसे ही जो परमेश्वर की उपासना के स्थान हृदय और नाम पर पाषाणादि मूर्तियां धरते हैं उन दुष्टबुद्धिवालों का सत्यानाश परमेश्वर क्यों न करे ? आठवां-भ्रान्त होकर मन्दिर-मन्दिर देशदेशान्तर में घूमते-घूमते दुःख पाते, धर्म, संसार और परमार्थ का काम नष्ट करते, चोर आदि से पीड़ित होते, ठगों से ठगाते रहते हैं।

नववां-दुष्ट पूजारियों को धन देते हैं वे उस धन को वेश्या, परस्त्रीगमन, मद्य, मांसाहार, लड़ाई बखेडों में व्यय करते हैं जिस से दाता का सुख का मूल नष्ट होकर दुःख होता है। दशवां माता पिता आदि माननीयों का अपमान कर पाषाणादि मूर्तियों का मान करके कृतघ्न हो जाते हैं। ग्यारहवां-उन मूर्तियों को कोई तोड़ डालता वा चोर ले जाता है तब हा-हा करके रोते रहते हैं। बारहवां-पूजारी परस्त्रियों के संग और पूजारिन परपुरुषों के संग से प्रायः दूषित होकर स्त्री पुरुष के प्रेम के आनन्द को हाथ से खो बैठते हैं। तेरहवां-स्वामी सेवक की आज्ञा का पालन यथावत् न होने से परस्पर विरुद्धभाव होकर नष्ट भ्रष्ट हो जाते हैं।

चौदहवां-जड़ का ध्यान करने वाले का आत्मा भी जड़ बुद्धि हो जाता है क्योंकि ध्येय का जड़त्व धर्म अन्तःकरण द्वारा आत्मा में अवश्य आता है। पन्द्रहवां-परमेश्वर ने सुगन्धियुक्त पुष्पादि पदार्थ वायु जल के दुर्गन्ध निवारण और आरोग्यता के लिये बनाये हैं। उन को पुजारी जी तोड़ताड़ कर न जाने उन पुष्पों की कितने दिन तक सुगन्धि आकाश में चढ़ कर वायु जल की शुद्धि करता और पूर्ण सुगन्धि के समय तक उस का सुगन्ध होता है; उस का नाश मध्य में ही कर देते हैं। पुष्पादि कीच के साथ मिल सड़ कर उलटा दुर्गन्ध उत्पन्न करते हैं। क्या परमात्मा ने पत्थर पर चढ़ाने के लिये पुष्पादि सुगन्धियुक्त पदार्थ रचे हैं। सोलहवां-पत्थर पर चढ़े हुए पुष्प, चन्दन और अक्षत आदि सब का जल और मृत्तिका के संयोग होने से मोरी वा कुण्ड में आकर सड़ के इतना उस से दुर्गन्ध आकाश में चढ़ता है कि जितना मनुष्य के मल का। और सहस्रों जीव उस में पड़ते उसी में मरते और सड़ते हैं। ऐसे-ऐसे अनेक मूर्त्तिपूजा के करने में दोष आते हैं। इसलिये सर्वथा पाषाणादि मूर्त्तिपूजा सज्जन लोगों को त्यक्तव्य है। और जिन्होंने पाषाणमय मूर्ति की पूजा की है, करते हैं और करेंगे। वे पूर्वोक्त दोषों से न बचे; न बचते हैं, और न बचेंगे।
#मूर्ति #मूर्तिपूजा #अचल_सिद्धार्थ_यादव #जागो_पंच #स्वामी_दयानन्द_सरस्वती #हिन्दू_धर्म #ब्राह्मणवाद #मूर्ति_पूजा_के_16नुकसान #अंधविश्वास #पाखंड
#ईश्वर_की_मूर्तियां #पत्थरों_में_भगवान #ईश्वर

Комментарии

Информация по комментариям в разработке

Похожие видео

  • भगवान निर्गुण निराकार है, तो मूर्ति पूजा क्यों ?/ भजन मार्ग
    भगवान निर्गुण निराकार है, तो मूर्ति पूजा क्यों ?/ भजन मार्ग
    3 года назад
  • श्री कृष्ण: मूर्ति पूजा के घोर विरोधी | कबीर साहेब और कबीरपंथियों को बदनाम मत करो | संत अभय साहेब जी
    श्री कृष्ण: मूर्ति पूजा के घोर विरोधी | कबीर साहेब और कबीरपंथियों को बदनाम मत करो | संत अभय साहेब जी
    2 года назад
  • Чубайс в суде признал, что работал против России и выступал против СВО
    Чубайс в суде признал, что работал против России и выступал против СВО
    10 часов назад
  • अविमुक्तेश्वरानंद के पीछे अमित शाह खेल रहे असली खेल । Navin Kumar
    अविमुक्तेश्वरानंद के पीछे अमित शाह खेल रहे असली खेल । Navin Kumar
    3 дня назад
  • Константин Сивков | ИРАН: ПЕРВЫЕ ИТОГИ
    Константин Сивков | ИРАН: ПЕРВЫЕ ИТОГИ
    9 часов назад
  • संवाद # 226: Sanskrit scholar exposes Manusmriti | Nityānanda Miśra
    संवाद # 226: Sanskrit scholar exposes Manusmriti | Nityānanda Miśra
    1 год назад
  • देवी ने हाथ रगड़ा पैदा हुए ब्रह्मा विष्णु महेश|सच क्या है
    देवी ने हाथ रगड़ा पैदा हुए ब्रह्मा विष्णु महेश|सच क्या है
    21 час назад
  • ख़ामेनेई की शहादत,  भागे न बंकर में छुपे, मौत को लगाया गले, शिया जगत शोक की लहर
    ख़ामेनेई की शहादत, भागे न बंकर में छुपे, मौत को लगाया गले, शिया जगत शोक की लहर
    18 часов назад
  • भारतीय इतिहास में ब्राह्मणी झोल|अपनी बेटी का राधा रूप असहनीय
    भारतीय इतिहास में ब्राह्मणी झोल|अपनी बेटी का राधा रूप असहनीय
    2 года назад
  • जब मनुस्मृति को लेकर शंकराचार्य से भिड़ गई भीम शेरनी फिर जो हुआ देखिए
    जब मनुस्मृति को लेकर शंकराचार्य से भिड़ गई भीम शेरनी फिर जो हुआ देखिए
    9 месяцев назад
  • “Brahmanwad Zindabad” Girl Admits She Never Read Vedas Puran or Manusmriti? | Megha Lawadia EXPOSED
    “Brahmanwad Zindabad” Girl Admits She Never Read Vedas Puran or Manusmriti? | Megha Lawadia EXPOSED
    1 день назад
  • मूर्ति और अवतार सब झूठे हैं|सुअर में भगवान तो शूद्र अछूत कैसे था
    मूर्ति और अवतार सब झूठे हैं|सुअर में भगवान तो शूद्र अछूत कैसे था
    8 месяцев назад
  • हिंदू धर्म में कितने देवी देवता है ?   33 कोटी या 33 करोड़ ? || By - आचार्य योगेश भारद्वाज जी
    हिंदू धर्म में कितने देवी देवता है ? 33 कोटी या 33 करोड़ ? || By - आचार्य योगेश भारद्वाज जी
    2 года назад
  • ब्राह्मणों और चमारों के मध्य नफरत का मुख्य कारण | चमार जाति का इतिहास | Hamara Ateet |
    ब्राह्मणों और चमारों के मध्य नफरत का मुख्य कारण | चमार जाति का इतिहास | Hamara Ateet |
    10 месяцев назад
  • वेदों के अनुसार ब्राह्मण कौन है? || By आचार्य योगेश भारद्वाज जी ||
    वेदों के अनुसार ब्राह्मण कौन है? || By आचार्य योगेश भारद्वाज जी ||
    1 год назад
  • Палкой в гнездо шершней. Иран отвечает
    Палкой в гнездо шершней. Иран отвечает
    10 часов назад
  • जब मनुस्मृति को लेकर शंकराचार्य से भिड़ गया डॉ. रतन लाल फिर जो हुआ देखिए
    जब मनुस्मृति को लेकर शंकराचार्य से भिड़ गया डॉ. रतन लाल फिर जो हुआ देखिए
    9 месяцев назад
  • रामचरितमानस विवाद' पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कर दी सब की बोलती बंद  Adv I R Singh #ramcharitmanas
    रामचरितमानस विवाद' पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कर दी सब की बोलती बंद Adv I R Singh #ramcharitmanas
    3 года назад
  • Ram: कल्पना या इतिहास? | Bharat Ek Nayi Soch
    Ram: कल्पना या इतिहास? | Bharat Ek Nayi Soch
    9 месяцев назад
  • हिन्दू धर्म में शूद्र का स्थान ; जानिये सर्वोच्च धर्मगुरु पुरी शंकराचार्यजी के श्रीमुख से
    हिन्दू धर्म में शूद्र का स्थान ; जानिये सर्वोच्च धर्मगुरु पुरी शंकराचार्यजी के श्रीमुख से
    1 год назад
  • О нас
  • Контакты
  • Отказ от ответственности - Disclaimer
  • Условия использования сайта - TOS
  • Политика конфиденциальности

video2dn Copyright © 2023 - 2025

Контакты для правообладателей video2contact@gmail.com