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Скачать или смотреть विरभद्र अष्टक मराठी Veerbhadra Ashtakam Marathi

  • Jangam Swami
  • 2025-10-29
  • 1384
विरभद्र अष्टक मराठी Veerbhadra Ashtakam Marathi
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Скачать विरभद्र अष्टक मराठी Veerbhadra Ashtakam Marathi бесплатно в качестве 4к (2к / 1080p)

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Описание к видео विरभद्र अष्टक मराठी Veerbhadra Ashtakam Marathi

लेखन वेदमूर्ती सोमनाथ स्वामी 7066402358 नाशिक
॥ श्री वीरभद्राष्टकम् -
बोला वीरभद्र महाराज की जय

नमन वीरभद्रा, शिवाचा हा अवतार।
करुनी वंदन चरणी, तारि आम्हा भवपार॥


दक्ष यज्ञाचे करावया विध्वंस।
बाहू वज्रसम, वृत्ती अति दक्ष॥
कपाळीच्या अग्नीने भस्म केले वैरी।
त्या वीरभद्रा स्मरा, दुःख दूर करी॥
॥ ओम् वीरभद्राय नमः॥

कंकालाचा दंड, ओठ खाती क्रूर।
कपालमाळा शोभे, कंठात अति क्रूर॥
मदनाचा दर्प हरिला, सर्पाचे हार।
अंगावर भस्म लेप, शिव-पुत्र उदार॥

ओम् वीरभद्राय नमः
भूतांचा तू नाथ, भुजंग तुझे भूषण।
भस्म केले पुर, जयांचे होते शासन॥
उमललेल्या कमळासम नेत्र तुझे विशाल।
श्री वीरभद्रा स्मरा, जो हरतो सकळ काल
ओम् वीरभद्राय नमः


काजळासम सावळं, कोमल तुझे अंग।
कंठामध्ये कालकूट, विष घेतले संग॥
मस्तकास भागीरथी, चुंबन देऊन जाय।
अग्निनेत्र वीरभद्रा, सतत तुझी जय जय॥
ओम् वीरभद्राय नमः


कोटी निशाचर नित्य, करिती तुझी सेवा।
काळ्या अंजनसम कांती, निहत शत्रू-मेवा॥
चंदन-लेप सुगंधी, वडाच्या मुळी वास।
रुद्राक्ष माळा कंठी, जो अखंड अविनाश॥
ओम् वीरभद्राय नमः


जगाचा तू वीर, जगाचा तू स्वामी।
माथी बालचंद्र, सर्पभूषण तूच नामी॥
सहस्र तुझे बाहू, सनकादिक वंदिती।
चक्रसम सुंदर देवा, भक्त मनी नांदती॥
ओम् वीरभद्राय नमः


पैंजणांचा मंजूळ, चरणी नाद गोड।
कमळातूनी प्रगटला, रूप तुझे अजोड॥
कमळातून जन्मूनी, कांती तेज:पुंज।
विकसित नेत्रे ज्याची, वीरभद्र हा तूच॥
ओम् वीरभद्राय नमः


काळाचाही तू काळ, सुवर्ण पर्वताचा चाप।
वीरेश्वर तू देव, दूर विषयांचा ताप॥
निरीह तू निराकार, वेदांनाही अगम्य।
निर्वाण मोक्ष देई, भजनीय तू नित्य॥
ओम् वीरभद्राय नमः
॥ फलश्रुती
हे पापहर अष्टक, जो कोणी नित्य गाईल।
सकाळच्या प्रहरी, अथवा सुतक पाळील॥
सुखी तो होईल, संपदा सुख-भोग पावे।
सुंदर, सुस्थिर बुद्धी, शिवभक्तीने धावे॥
॥ श्री वीरभद्राष्टकम् मराठी ओवी रूपांतरण संपूर्ण ॥

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